होमसफ़रगुजरातशासनअसरविरासतविश्व2047क्विज़ व स्रोत

गुजरात

गुजरात मॉडल, राज्य से राष्ट्र तक का सफ़र, आपदा से अवसर और जूनागढ़-गिर सोमनाथ विकास कार्य।

Gujarat Model · राज्य की नीति, राष्ट्र का कार्यक्रम

गुजरात मॉडल — गुजरात से भारत तक

पच्चीस वर्षों की एक ही दृष्टि, दो स्तरों पर — जो नीति पहले गुजरात में आकार लेकर परखी गई, वही आगे चलकर 140 करोड़ देशवासियों का राष्ट्रीय कार्यक्रम बनी।

गुजरात · मुख्यमंत्री काल
भारत · प्रधानमंत्री काल
ज्योतिग्राम योजना2003 · 18,000+ गाँवों में 24 घंटे बिजली
→
हर गाँव तक बिजली2018 · शत-प्रतिशत ग्राम विद्युतीकरण
निर्मल गुजरात2007 · स्वच्छता जन-अभियान
→
स्वच्छ भारत मिशन2014 · 10 करोड़+ ग्रामीण शौचालय
मृदा स्वास्थ्य कार्ड2004 · देश का पहला राज्य
→
राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना2015 · हर किसान तक मिट्टी की रिपोर्ट
बेटी बचाओ अभियान2005
→
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ2015
चिरंजीवी योजना2005 · निःशुल्क संस्थागत प्रसव, PPP मॉडल
→
आयुष्मान भारत2018 · ₹5 लाख प्रति परिवार कवर
सुजलाम सुफलाम2003 · नर्मदा जल उत्तर गुजरात तक
→
जल जीवन मिशन2019 · लगभग 16 करोड़ नल कनेक्शन
वाइब्रेंट गुजरात2003 · निवेशक सम्मेलन
→
मेक इन इंडिया2014 · 14 क्षेत्रों में पीएलआई
ई-ग्राम विश्वग्राम2006 · ग्राम पंचायत ब्रॉडबैंड
→
डिजिटल इंडिया2015 · भारतनेट, डिजिलॉकर, UPI
एशिया की पहली सौर नीति2009
→
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन2015
कर्मयोगी अभियान2010 · लोक सेवकों का क्षमता निर्माण
→
मिशन कर्मयोगी2020
स्वागत2003 · मुख्यमंत्री की सीधी जन-सुनवाई
→
प्रगति मंच2015 · प्रधानमंत्री की परियोजना समीक्षा
Turning Points · संकट से समाधान तक

आपदा से अवसर

हर संकट में एक ही सूत्र — केवल संभालना नहीं, कुछ स्थायी बनाना। भुज के भूकम्प से सेमीकंडक्टर संकट तक, ग्यारह उदाहरण।

"आपदा को अवसर में बदलना है।"12 मई 2020 — राष्ट्र के नाम संबोधन, जिसमें आत्मनिर्भर भारत का आह्वान हुआ
2001
भुज भूकम्प — कच्छ का पुनर्निर्माण
आपदा
26 जनवरी 2001, लगभग 25,000 लोगों की जान गई; कच्छ ध्वस्त। शपथ के समय यही पहली चुनौती।
कदम
भूकम्परोधी मानक अनिवार्य; भुज की नई नगर-योजना; कच्छ को विशेष कर प्रोत्साहन; राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सुदृढ़।
परिणाम
कच्छ सीमेंट, कपड़ा, नमक और बंदरगाह उद्योग का केंद्र बना — आपदा-पश्चात पुनर्वास का अध्ययन-योग्य प्रतिमान।
2001–10
सूखा और गिरता भूजल — जल क्रांति
आपदा
सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में बार-बार सूखा; कुएँ सूखते, भूजल हर वर्ष नीचे; किसान पलायन को विवश।
कदम
एक लाख से अधिक चेक डैम-बोरीबंध जन-अभियान; 2003 में सुजलाम सुफलाम; नर्मदा नहर तंत्र का विस्तार; 2012 में सौनी की घोषणा।
परिणाम
कृषि विकास दर 9.7% — अखिल भारत के 5.7% के मुकाबले; 2000–2010 के बीच भूजल में सुधार अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में दर्ज।
2003
बिजली संकट — ज्योतिग्राम
आपदा
गाँवों में कुछ घंटे की अनियमित बिजली; घाटे में डूबा विद्युत बोर्ड; जलते पम्प-सेट।
कदम
कृषि और घरेलू फीडर अलग; ₹1,250 करोड़ का पुनर्तारीकरण; बोर्ड का जीयूवीएनएल व छह कम्पनियों में पुनर्गठन।
परिणाम
2006 तक 18,000+ गाँवों में 24 घंटे बिजली; गुजरात विद्युत-अधिशेष राज्य; 2015 में यही मॉडल दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बना।
2008–09
वैश्विक मंदी — निवेश का अवसर
आपदा
सितम्बर 2008 में लेहमन ब्रदर्स का पतन; दुनिया भर में निवेश ठप; भारत में भी सिंगूर से टाटा नैनो का प्रस्थान।
कदम
7 अक्टूबर 2008 — दिनों में निर्णय, नैनो साणंद आई; जनवरी 2009 — मंदी के चरम पर वाइब्रेंट गुजरात का आयोजन।
परिणाम
8,662 समझौते, लगभग 243 अरब डॉलर के प्रस्ताव; साणंद में फोर्ड, सुजुकी, होंडा — गुजरात देश का ऑटो हब।
2015
यमन और नेपाल — ऑपरेशन राहत, ऑपरेशन मैत्री
आपदा
अप्रैल 2015 — यमन में गृहयुद्ध, हजारों भारतीय फँसे; 25 अप्रैल — नेपाल में विनाशकारी भूकम्प।
कदम
नौसेना और वायुसेना से 4,640 भारतीय और 41 देशों के 960 नागरिक यमन से निकाले; नेपाल में घंटों के भीतर एनडीआरएफ और वायुसेना — पहला अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियादाता।
परिणाम
"प्रथम प्रतिक्रियादाता" की पहचान — जो आगे गंगा, कावेरी और अजय अभियानों का आधार बनी।
2016 · 2019
उरी और पुलवामा — प्रतिक्रिया की नई रेखा
आपदा
18 सितम्बर 2016 उरी — 19 सैनिकों का बलिदान; 14 फरवरी 2019 पुलवामा — 40 जवानों का बलिदान।
कदम
29 सितम्बर 2016 — नियंत्रण रेखा पार सर्जिकल स्ट्राइक; 26 फरवरी 2019 — बालाकोट पर हवाई कार्रवाई।
परिणाम
सीमा पार आतंक की कीमत सीमा पार चुकाने का सिद्धांत — जो 2025 में ऑपरेशन सिंदूर तक पहुँचा।
2019 → 2023
चंद्रयान-2 की सीख — चंद्रयान-3
आपदा
7 सितम्बर 2019 — अंतिम चरण में विक्रम लैंडर से सम्पर्क टूटा; सॉफ्ट लैंडिंग उस दिन पूरी नहीं हो सकी।
कदम
उसी सुबह प्रधानमंत्री इसरो में वैज्ञानिकों के साथ; वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया; अगला मिशन तुरंत स्वीकृत।
परिणाम
23 अगस्त 2023 — दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश; शिव शक्ति पॉइंट; राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस।
2020
कोविड-19 — आत्मनिर्भर भारत
आपदा
24 मार्च 2020 से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन; स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती।
कदम
₹20 लाख करोड़ का पैकेज; 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क अनाज; 20 जून — 116 जिलों में ₹50,000 करोड़ का गरीब कल्याण रोजगार अभियान; एक राष्ट्र एक राशन कार्ड; PPE उत्पादन शून्य से लाखों प्रतिदिन।
परिणाम
स्वदेशी टीके और कोविन; विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण; 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन मैत्री; पीएम केयर्स से हर जिले में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र — स्थायी क्षमता।
2021 · 2023
चिप संकट — सेमीकंडक्टर मिशन
आपदा
2021 का वैश्विक चिप संकट — वाहन उत्पादन लाइनें रुकीं; भारत पूरी तरह आयात पर निर्भर।
कदम
दिसम्बर 2021 — ₹76,000 करोड़ का भारत सेमीकंडक्टर मिशन; 2023 में साणंद (माइक्रॉन) और 2024 में धोलेरा (टाटा) की इकाइयाँ स्वीकृत।
परिणाम
गुजरात देश के सेमीकंडक्टर मानचित्र का केंद्र; बजट 2026-27 में मिशन 2.0 और दुर्लभ मृदा गलियारे।
2021–23
अफ़ग़ानिस्तान, यूक्रेन, सूडान, इज़राइल — निकासी अभियान
आपदा
अगस्त 2021 काबुल का पतन; फरवरी 2022 यूक्रेन युद्ध; अप्रैल 2023 सूडान गृहयुद्ध; अक्टूबर 2023 इज़राइल पर हमला।
कदम
ऑपरेशन देवी शक्ति — 800 से अधिक; ऑपरेशन गंगा — 22,000 से अधिक, चार मंत्री सीमा पर; ऑपरेशन कावेरी — 3,800 से अधिक; ऑपरेशन अजय — 1,300 से अधिक।
परिणाम
हर संकट में भारतीय नागरिक की वापसी राज्य का पहला दायित्व — यह भरोसा अब संस्थागत है।
2025
पहलगाम — ऑपरेशन सिंदूर
आपदा
22 अप्रैल 2025, पहलगाम में आतंकी हमला — 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई।
कदम
7 मई — पाकिस्तान व पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई; 10 मई को डीजीएमओ स्तर की वार्ता के बाद संघर्ष विराम।
परिणाम
आतंक पर प्रतिक्रिया की नई रेखा; स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की परीक्षा; 2025 के स्वतंत्रता दिवस की थीम।
Home Turf · जूनागढ़ · गिर सोमनाथ

अपना क्षेत्र, इन 25 सालों में

गिरनार, गिर और सोमनाथ की धरती — 2001 से 2026 तक जूनागढ़ – गिर सोमनाथ में हुए प्रमुख कार्य, हर परियोजना लागत और तिथि के साथ।

मानचित्र: जूनागढ़ ज़िला (2011 की सीमा, जिसमें आज का गिर सोमनाथ ज़िला भी शामिल है) — हर पिन का क्रमांक नीचे के कार्ड का है।

₹47 करोड़+
श्री सोमनाथ प्रॉमेनेडप्रसाद योजना के अंतर्गत अरब सागर के तट पर 1.5 किमी लम्बा समुद्र दर्शन पथ और अत्याधुनिक प्रदर्शनी केंद्र बने तथा अहिल्याबाई (पुराने सोमनाथ) मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार हुआ; 20 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री ने इनका लोकार्पण किया। जनवरी 2021 से प्रधानमंत्री श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।
1026 → 2026
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व8 से 11 जनवरी 2026 तक पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष और पुनर्निर्माण के 75 वर्ष (11 मई 1951) का यह पर्व मनाया गया। 10 जनवरी को 1,000 ड्रोन और 1,000 वैदिक गुरुकुल विद्यार्थियों की प्रस्तुति तथा 72 घंटे का अखंड ओंकार जाप हुआ; 11 जनवरी को प्रधानमंत्री 108 अश्वों की शौर्य यात्रा में सम्मिलित हुए और कहा — "हज़ार वर्ष बाद भी सोमनाथ के शिखर पर ध्वज लहरा रहा है।" वर्षभर के आयोजन 11 मई 2026 तक चले।
₹30 करोड़
भव्य श्री पार्वती मंदिर20 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री ने सोमपुरा सलात स्थापत्य शैली में बनने वाले 71 फीट ऊँचे संगमरमर के श्री पार्वती माता मंदिर का शिलान्यास किया; यह सोमनाथ परिसर के समग्र पुनर्विकास का हिस्सा है।
2005
श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, वेरावलमुख्यमंत्री काल में 2005 के अधिनियम से स्थापित यह राज्य विश्वविद्यालय संस्कृत, वेद, ज्योतिष और दर्शन की उच्च शिक्षा देता है; सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के संबोधन में प्रधानमंत्री ने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना की कड़ी बताया।
2.3 किमी
गिरनार रोप-वे24 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री ने ₹130 करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लम्बे मंदिर रोप-वे का उद्घाटन किया, जिससे 5–7 घंटे की चढ़ाई अब 7–8 मिनट में पूरी होती है; परियोजना की नींव मुख्यमंत्री काल में पड़ी थी।
₹74 करोड़
ऊपरकोट किले का पुनरुद्धारलगभग 2,000 वर्ष पुराने किले का वैज्ञानिक संरक्षण हुआ और महाबत मकबरा तथा वज़ीर बहाउद्दीन मकबरे का ₹7.12 करोड़ से कायाकल्प किया गया; जूनागढ़–गिर सोमनाथ के बौद्ध पुरातात्विक स्थलों के लिए ₹28.67 करोड़ की बौद्ध सर्किट योजना स्वीकृत है।
1,083
पाकिस्तान की हिरासत से लौटे मछुआरे2014 से अब तक पाकिस्तान की हिरासत से 2,661 भारतीय मछुआरे मुक्त होकर अपने परिवारों से मिले (1 जुलाई 2026); इनमें 1,083 मछुआरे जूनागढ़–गिर सोमनाथ लोकसभा क्षेत्र के हैं। मई से जुलाई 2023 के बीच 198, 200 और 100 मछुआरों के तीन बड़े जत्थे वाघा सीमा से लौटे।
₹317 करोड़+
सागरमाला — वेरावल और मढवाड़ फिशिंग हार्बरसागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत देश के सबसे बड़े मत्स्य बंदरगाहों में से एक वेरावल का चरण-2 (₹167.96 करोड़) और मढवाड़ फिशिंग हार्बर (₹150 करोड़) वैश्विक मानकों पर आधुनिक बनाए जा रहे हैं, जिनसे सी-फ़ूड निर्यात और तटीय सुरक्षा ग्रिड को बल मिलता है; पीएम मत्स्य सम्पदा योजना से कोल्ड चेन बनी है। भावनगर–सोमनाथ तटीय राजमार्ग NH-51 का ₹2,640 करोड़ का फोर-लेन दीव, गिर, पोरबंदर और सोमनाथ को एक तटीय सूत्र में जोड़ता है।
₹134 करोड़
सोमनाथ रेलवे स्टेशनअमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 22 सितम्बर 2022 से चल रहे पुनर्विकास में ज्योतिर्लिंग मंदिर की स्थापत्य शैली में 12 शिखरों वाला नया टर्मिनल, हरित भवन और अलग आगमन-प्रस्थान लाउंज बन रहे हैं। 22 अक्टूबर 2023 को राजकोट–जूनागढ़–सोमनाथ और जेतलसर–वांसजालिया खंडों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हुआ।
26 मई 2025
साबरमती–वेरावल वंदे भारतप्रधानमंत्री ने सौराष्ट्र की दूसरी वंदे भारत को रवाना किया, जो अहमदाबाद से सोमनाथ तक 438 किमी की दूरी सप्ताह में छह दिन तय करती है और जूनागढ़ में ठहरती है।
123 किमी
जेतपुर–सोमनाथ फोर-लेन (NH-151)राजकोट के औद्योगिक केंद्रों को सोमनाथ से जोड़ने वाले 123 किमी मार्ग का फोर-लेन अपग्रेड हुआ; शहर को जाम से मुक्ति देने वाले ₹198.55 करोड़ के जूनागढ़ बाईपास का लोकार्पण प्रधानमंत्री ने किया।
₹364 करोड़
केशोद हवाई अड्डा12 मार्च 2022 को उड़ान योजना में एलायंस एयर की मुंबई–केशोद उड़ान से जूनागढ़ फिर हवाई नक्शे पर आया और अब अहमदाबाद, दीव तथा पोरबंदर से भी जुड़ा है। ₹364 करोड़ के विस्तार में 2,500 मीटर रनवे और 6,500 वर्ग मीटर का नया टर्मिनल बन रहा है, जिससे A320 श्रेणी के विमान उतर सकेंगे; लक्ष्य जनवरी 2027 है (1 दिसम्बर 2025)।
359 → 891
गिर के एशियाई सिंह — 20 साल में ढाई गुनासिंहों की संख्या 2005 में 359, 2010 में 411, 2015 में 523, 2020 में 674 और मई 2025 की 16वीं गणना में 891 हुई; ग्रेटर गिर लैंडस्केप 9 ज़िलों में 30,000 से बढ़कर 35,000 वर्ग किमी हो गया। सासन में रेडियो टेलीमेट्री, GIS और कैमरा ट्रैप से रियल-टाइम निगरानी होती है, और वन्य प्राणी मित्र तथा ट्रैकर मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व सुनिश्चित करते हैं।
3 मार्च 2025
प्रधानमंत्री सासन गिर में — राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक और जूनागढ़ में राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल केंद्र की आधारशिलाविश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने सासन गिर में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की, सिंह सफ़ारी की और जूनागढ़ में वन्यजीव स्वास्थ्य के राष्ट्रीय रेफरल केंद्र की आधारशिला रखी; उन्होंने अग्रिम पंक्ति के वन-कर्मियों, ईको-गाइड और ट्रैकरों से संवाद किया और उन्हें मोटरसाइकिलें सौंपीं। इसी अवसर पर जूनागढ़ में देश के पहले राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल केंद्र का शिलान्यास और 16वीं सिंह गणना की घोषणा हुई।
565 किमी
सौनी लिंक-4 — नर्मदा का पानी हिरण-2 तक2012 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ₹18,563 करोड़ की सौनी योजना सौराष्ट्र के 115 बाँधों को नर्मदा के पानी से भरती है; इसका लिंक-4 लिंबड़ी भोगावो-2 से 565 किमी पाइपलाइन द्वारा गिर सोमनाथ के हिरण-2 बाँध तक पहुँचता है। 30 अगस्त 2016 को प्रधानमंत्री ने लिंक-1 का पहला चरण राष्ट्र को समर्पित किया।
25,000
नारियल विकास बोर्ड — छठा राज्य केंद्रकेंद्रीय कृषि मंत्रालय ने जूनागढ़ (बहुमाली भवन) में नारियल विकास बोर्ड का छठा राज्य केंद्र स्थापित किया, जो गुजरात के लगभग 25,000 नारियल किसानों को वैज्ञानिक खेती, प्रोसेसिंग और डायरेक्ट मार्केटिंग से जोड़ता है।
150 सीटें
जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज, जूनागढ़2015 में सिविल अस्पताल से जुड़ा 150 एमबीबीएस सीटों वाला सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ और उसी वर्ष भक्त कवि नरसिंह मेहता विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। 25 फरवरी 2024 को सौराष्ट्र का पहला एम्स राजकोट में लोकार्पित हुआ, जो जूनागढ़ से लगभग 100 किमी दूर है।
2004
जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय1 मई 2004 को मुख्यमंत्री काल में स्थापित यह विश्वविद्यालय मूँगफली, कपास और बागवानी पर अनुसंधान करता है। 2011 में गिर केसर आम को GI टैग मिला और 2003 में राजकोट–वेरावल ब्रॉड गेज लाइन बनी।
15 अगस्त 2013
गिर सोमनाथ — नया ज़िलामुख्यमंत्री काल में क्षेत्र को नई प्रशासनिक पहचान मिली: 2004 में जूनागढ़ महानगरपालिका बनी और 15 अगस्त 2013 को जूनागढ़ से अलग कर वेरावल मुख्यालय वाला गिर सोमनाथ ज़िला बना, जिससे सोमनाथ, गिर और समुद्र-तट एक ही ज़िले में आ गए।
20 अगस्त 2021
20सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और जूना सोमनाथ (अहिल्याबाई मंदिर) का जीर्णोद्धारप्रधानमंत्री ने सोमनाथ प्रॉमेनेड के साथ सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और पुनर्निर्मित जूना सोमनाथ (अहिल्याबाई मंदिर) परिसर का लोकार्पण किया तथा नए पार्वती मंदिर की आधारशिला रखी — श्री सोमनाथ ट्रस्ट और प्रसाद योजना के अंतर्गत; प्रदर्शनी केंद्र में पुराने मंदिर के भग्नावशेष और नागर शैली की शिल्पकला प्रदर्शित है।
अगला पृष्ठ
शासन
arrow_forward