Party · भाजपा और एनडीए की राज्य सरकारें, 2001 से 2026
6 राज्यों से 22 राज्यों की सरकारों तक
अक्टूबर 2001 में छह राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। 30 सितम्बर 2026 को 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं और 22 में एनडीए की सरकार।
3
लगातार तीन लोकसभा जनादेश — 2014, 2019, 2024
पंडित नेहरू के बाद लगातार तीन बार चुने जाने वाले पहले प्रधानमंत्री
282
लोकसभा सीटें 2014 (31.0% वोट)
1984 के बाद पहली बार किसी एक दल को बहुमत मिला; एनडीए 336
303
लोकसभा सीटें 2019 (37.36% वोट)
एनडीए 353 — पहले से बड़ा जनादेश
240
लोकसभा सीटें 2024 (36.56% वोट)
एनडीए 293 — लगातार तीसरा कार्यकाल
14करोड़+
प्राथमिक सदस्य
दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल (21 जून 2025)
127/182
गुजरात विधानसभा 2002 (49.85% वोट)
मुख्यमंत्री के रूप में पहला जनादेश
117/182
गुजरात विधानसभा 2007 (49.12% वोट)
दूसरा जनादेश
115/182
गुजरात विधानसभा 2012 (47.85% वोट)
लगातार तीसरा जनादेश
7 → 22
एनडीए की राज्य सरकारें: मई 2014 → सितम्बर 2026
मई 2014 में 7 राज्यों में एनडीए की सरकार थी (5 में भाजपा के मुख्यमंत्री); 30 सितम्बर 2026 को 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एनडीए की सरकार है — 17 में भाजपा के मुख्यमंत्री
1971पूर्णकालिक प्रचारकराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बने; आपातकाल (1975–77) में गुजरात लोक संघर्ष समिति के महासचिव रहे।
1985 · 1987भाजपा में; गुजरात के संगठन महामंत्री1985 में संघ ने भाजपा में भेजा; 1987 में अहमदाबाद नगर निगम के चुनाव अभियान के बाद गुजरात भाजपा के संगठन महामंत्री बने।
1990 · 1991–92राम रथ यात्रा · एकता यात्राआडवाणी जी की सोमनाथ–अयोध्या राम रथ यात्रा और डॉ. मुरली मनोहर जोशी की कन्याकुमारी–श्रीनगर एकता यात्रा के आयोजन में भूमिका निभाई।
नवम्बर 1995भाजपा के राष्ट्रीय सचिवभाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने और हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश के प्रभारी रहे।
1998–2001राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के रूप में पार्टी की सबसे बड़ी संगठनात्मक ज़िम्मेदारी संभाली; 7 अक्टूबर 2001 को सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली — तब विधायक भी नहीं थे।
24 फरवरी 2002पहला चुनाव — राजकोट-IIराजकोट-II उपचुनाव में 14,728 मतों से पहली जीत मिली; इसके बाद मणिनगर 2002 (75,333), 2007 (87,161) और 2012 (86,373), वडोदरा 2014 (5,70,128) तथा वाराणसी 2014 (3,71,784), 2019 (4,79,505) और 2024 (1,52,513) मतों के अंतर से विजय।